भारत सरकार और विभिन्न वित्तीय संस्थानों द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें से एक प्रमुख विकल्प है महिला समूह ऋण योजना, जिसे 2026 में भी महिलाएं समूह बनाकर लाभ उठा सकती हैं। यह योजना मुख्य रूप से उन महिलाओं के लिए है जो छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं या अपनी आजीविका को बेहतर बनाना चाहती हैं। इस योजना के तहत 8-10 महिलाओं का एक समूह मिलकर कम ब्याज या विशेष शर्तों पर ऋण प्राप्त कर सकता है।
योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर या पिछड़े वर्ग की महिलाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाना है। समूह के माध्यम से ऋण लेने से जिम्मेदारी साझा होती है, जिससे चुकाने में आसानी होती है और व्यवसाय लंबे समय तक चल सकता है। यह योजना मुद्रा योजना, एनआरएलएम (दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन), महिला समृद्धि योजना आदि से जुड़ी हो सकती है।
पात्रता के मुख्य मानदंड
- आवेदन करने वाली महिलाओं का एक समूह बनना चाहिए, जिसमें न्यूनतम 8 और अधिकतम 10 सदस्य हों।
- समूह की प्रत्येक महिला की वार्षिक परिवारिक आय सामान्यतः सीमित हो (जैसे 3 लाख रुपये तक, योजनानुसार भिन्न हो सकती है)।
- यह योजना विशेष रूप से जरूरतमंद, ग्रामीण या शहरी गरीब महिलाओं के लिए डिज़ाइन की गई है।
- समूह की सभी महिलाओं के पास बैंक खाता होना अनिवार्य है।
- कोई विशेष आय प्रमाण-पत्र की सख्त आवश्यकता नहीं होती, लेकिन पहचान और व्यवसाय से जुड़ी बुनियादी जानकारी देनी पड़ती है।
ऋण की राशि और उपयोग
- सामान्यतः 10,000 रुपये से लेकर 90,000 रुपये तक का ऋण उपलब्ध हो सकता है।
- कुछ मामलों में समूह को 50,000 रुपये तक की राशि आसानी से मिल जाती है।
- ऋण का उपयोग व्यवसाय शुरू करने, उपकरण खरीदने, कच्चा माल लेने, दुकान चलाने या अन्य छोटे-मोटे कामों के लिए किया जा सकता है।
ब्याज दर और अन्य विशेषताएं
ब्याज दर योजना और बैंक के अनुसार अलग-अलग हो सकती है, लेकिन कई सरकारी सहायता वाली योजनाओं में सब्सिडी या कम ब्याज (कभी-कभी 4-7% तक) मिलता है।
लाभ:
- महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मदद।
- समूह गारंटी के कारण कोई बड़ा गिरवी रखने की जरूरत नहीं।
- आसान प्रक्रिया और कम कागजी कार्रवाई।
- व्यवसाय बढ़ाने और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने का अवसर।
आवश्यक दस्तावेज
- सभी सदस्यों के आधार कार्ड या वोटर आईडी।
- बैंक खाता विवरण।
- समूह का रजिस्ट्रेशन या बैठक का रिकॉर्ड (यदि जरूरी हो)।
- व्यवसाय से जुड़ी साधारण योजना या उद्देश्य का विवरण।
- अन्य: जाति/आय प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो)।
आवेदन कैसे करें?
- सबसे पहले 8-10 महिलाओं का एक मजबूत समूह बनाएं।
- नजदीकी बैंक शाखा, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, या एनबीएफसी (जैसे एनएसएफडीसी, एनबीसीएफडीसी आदि) से संपर्क करें।
- समूह के सभी सदस्यों की आधार कार्ड, बैंक पासबुक, और एक साधारण व्यवसाय योजना (क्या व्यवसाय करेंगे, कैसे कमाई होगी) तैयार करें।
- बैंक अधिकारी से मिलकर आवेदन फॉर्म भरें और आवश्यक जानकारी दें।
- कुछ मामलों में ऑनलाइन पोर्टल (जैसे मुद्रा योजना की वेबसाइट या myScheme.gov.in) के माध्यम से भी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है, लेकिन ज्यादातर मामलों में बैंक/संस्था से सीधे संपर्क बेहतर होता है।